सदगुरु स्वामी कृष्णायन जी महराज

सदगुरु स्वामी कृष्णायन जी महराज

शनिवार, 17 सितंबर 2011

अखंड श्रीराम नाम संकीर्तन महायज्ञ

ॐ रां रामाय नम:....श्री सदगुरु चरण कमलेभ्यो नम:....हं हनुमते नम:
श्री राम भक्त हनुमान जी महाराज की तपस्थली में विराट आयोजन
अखंड श्रीराम नाम संकीर्तन महायज्ञ
06 अक्टूबर 2011 विजयदशमी से 24अक्टूबर 012 से विजयदशमी तक



प्रिय आत्मन ,
वर्तमान परिवेश में पुरे विश्व में महामारी , युद्ध , तबाही व विघटनकारी समय चल रहा है । जो कलांत्तर में महाप्रलय का रूप धारण कर सकता है । १५ मई २०११ से लेकर १५ दिसंबर २०११ तक सारी दुनिया के साथ -साथ भारत के लिए चिन्तनीय समय रहेगा ।
अत: सदविप्र समाज सेवा के संस्थापक व दिव्यगुप्त ज्ञान के प्रणेता समय के सदगुरु स्वामी कृष्णायन जी महराज के गहन ध्यान व चिन्तन के उपरान्त ऐसी विषम परिस्तिथि से उबरने का एक ही उपाय है ,राम रसायन रूपी बूटी अर्थात श्रीराम नाम जाप महायज्ञ तथा विश्वकल्याणार्थ महायज्ञ का स्थान भी अतिदिव्य व चैतन्य जागृत होना चाहिए । इसी आधार पर भगवन विश्वनाथ की परम पवित्र नगरी काशी , माँ गंगा की गोद माँ गौरी (अन्नपूर्णा) का क्षेत्र . श्री राम भक्त हनुमान जी की तपस्थली जो हनुमान जी के ताप से कण कण जागृत व चैतन्य है , जहाँ पर कुछ क्षण किया गया ध्यान आराधना जप तप दान का तुरंत प्रत्यक्ष फल देखने को मिलता है , ऐसे त्वरित फल देने वाले स्थान को इस महत्वपूर्ण महायज्ञ स्थल के रूप में चयनित किया एवं भगवान शंकर द्वारा प्रदत अमोघ तारक मन्त्र जिसे विश्व कल्याण हेतु देवऋषि नारद को प्रदान किया था देवऋषि नारद ने रामकाज हेतु बक्त शिरोमणि हनुमान जी महाराज को दिया वाही महा मन्त्र का वर्ष पर्यन्त अखण्ड जाप 06 अक्टूबर 2011 विजयदशमी को भव्य शोभायात्रा के साथ प्रारंभ कर विजयदशमी 24 अक्टूबर 2012 को पूर्णाहुति के साथ विश्राम ... अतः इस विराट आयोजन में आपकी उपस्तिथि तथा सहयोग प्रार्थनीय है ।
आयोजक
सदगुरु स्वामी कृष्णायन जी महराज
सदविप्र समाज सेवा के संस्थापक व दिव्यगुप्त ज्ञान के प्रणेता
मुख्यालय :सदगुरु धाम आश्रम,
एच 243, कुंवर सिंह नगर, निलौठी मोड़ ,नांगलोई , दिल्ली -110041
Tel.No.011-64171741, 9210477955, 9868387152,9868886830


संपर्क : Contact
(आचार्य / आचार्या ) ACHRAYAS

दिल्ली / हरियाणा
आशा (Asha) 9868886830 , कुनाल स्वामी(Kunal Swami) 9313226626 ,जयेश शर्मा (Jayesh Sharma)9968282207 , पूनम( Poonam) 9968430203 ,डॉ. अनुकृति(Dr. Anukriti Radha) 9555919133 , राधा(Radha) 9268016675 ,

पंजाब -पटिअला /हिमाचल प्रदेश Punjab / Himachal Pradesh
जे.प़ी. सिंह (J. P. Singh) 9872999766 , जसविंदर(Jaswinder) 9463545305 , संजीव(Sanjeev) 9814517341,9646117832 , मोनिका 9814178807 , हरशरण (जालंधर)( Harasharan (Jalandhar)) 76961769000 , रंजित सिंह (Ranjit Singh) 9815275544 ,

उत्तर प्रदेश – Uttar Pradesh
जनेश्वर स्वामी (Jneshwar Swami) 99839645310 , सुनील त्रिपाठी( Sunil Tripathi)9415224382 , आनंद(Anand) 9450541819 ,राम विलास(Ram Vilas) 9454718395 , अनीता( Anita) 9415813954 , सुरेंदर सिंह( Surender Singh) 9415614148 , आनंद उपाध्ये (शाहजहांपुर)( Anand Upadhye (Shahjahanpur)) 9198729982 ,

छत्तीसगढ़ /आसाम /उड़ीसा Chhattisgarh / Assam / Orissa
संतोष (Santosh) 9300903477 , मनीष (Manish) 9300903700 , अशोक ( Ashok) 9300716804 , मीना पटेल( Meena Patel) 9993786769,7489048443 , मीरा( Meera) 9300896000 , पवन(Pawan) 9300296664 , नीलम अग्रवाल( Neelam Aggarwal)7697337272

महाराष्ट्र(Maharashtra)
सुनील(Sunil) 9869225422

राजस्थान(Rajasthan)
अनिल(Anil) 9470978004


यज्ञस्थल
श्री संकटमोचन आंजनेय मंदिर ( हनुमंततपस्थली )
सदगुरु आश्रम डोमरी पड़ाव जिला -वाराणसी (उत्तरप्रदेश)
06/10/2011 विजयदशमी से 24/10/2012 से विजयदशमी

4 टिप्‍पणियां:

  1. हनुमान तेहि परसा कर पुनि कीन्ह प्रनाम .
    राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहाँ विश्राम ..
    राम काजु सबु करिहहु तुम्ह बल बुद्धि निधान .
    आसिष देइ गई सो हरषि चलेउ हनुमान ..
    भाई सभी लोगो से निवेदन है, की ये सामचार को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुचे जिससे भारत समेत पूरा विश्व राममय हो जाये जिससे भारत ही नहीं समूर्ण ब्रह्मांड का का कल्याण हो होने वाली विपति से मुक्ति मिल सके,हनुमान जी के बाद सदगुरु कृपा से होने वाला एक मात्र आयोजन (राम रसायन तुम्हरे पासा । सदा रहो रघुपति के दासा ।। ) निवेदन है इस सामचार का अवलोकन अवश्य करे और आपने विचारो से शुशोभित करे .....धन्यवाद... श्री राम जय राम जय जय राम

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  2. हरि ॐ गुरुदेव तुम्हारे चरणों में श्रद्धा के सुमन चढाते है |
    हम सद्विप्र समाज के वैरागी चरणों शीश नवाते है|
    गुरुदेव हमारी मदद करे भवसागर पार उतरना है |
    चहु और अँधेरा फेला है एक ज्योति तुम्हारी सहारा है|
    सद्विप्र ध्वजा को हाथ लिए आज्ञा की हमे प्रतीक्षा है |
    गुरुदेव हमे आज्ञा देवे अब समय बीतता जाता है |

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  3. नए समाज , नई व्यवस्था के जनक है गुरु विश्वामित्र । उनका स्पष्ट आदेश है -सभी अपनी मर्यादा में रहें ।किसी को किसी भी परिस्तिथि में मर्यादा के उल्लंघन का आदेश नहीं दिया जायगा ।"

    पुस्तक मेरे राम ....
    लेखक -
    सदगुरु स्वामी कृष्णायन जी महराज
    सदविप्र समाज सेवा के संस्थापक व दिव्यगुप्त ज्ञान के प्रणेता
    मुख्यालय :सदगुरु धाम आश्रम,
    एच 243, कुंवर सिंह नगर, निलौठी मोड़ ,नांगलोई , दिल्ली -110041
    Tel.No.011-64171741, 9210477955, 9868387152,9868886830

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